
बहन जो भाई के लिए प्रेरणा बनी
Updated on : 17 Oct 2017
आबू धाबी में विश्व कौशल प्रतियोगिताएं शुरु हो चुकी हैं। इसमें भारत की ओर से 28 सदस्यीय टीम अपना जोर आजमा रही है। इन्ही में एक गाजियाबाद की तलत रजिया भी है।
तलत के लिए तो उसी दिन उनके सपने सच हो गए थे जिस दिन उनके पिता ने उसे फैशन में स्नातक करने की अनुमति दी थी और उसने अपनी इच्छा के कोर्स में पर्ल अकादमी में दाखिला ले लिया था। हालांकि शुरू में तलत को यह असंभव सा लगता था, लेकिन उसकी मां ने उसका भरपूर साथ दिया। जिस उम्र में बच्चियां गुड़ियों से खेलती हैं, उस उम्र में तलत ने उनके कपड़े सीने चालू कर दिए थे। आज उसके पास ऐसी गुड़ियों का बड़ा संग्रह है, जिन्हें उसने अपनी बनाई पोशाक से सजाया है। इसके लिए वह प्लास्टिक की गुड़िया का उपयोग करती है, क्योंकि उनमें पोशाक टांकना आसान होता है।
बचपन से ही तलत का मन विज्ञान और गणित में नहीं लगता था। उसे तो बस एक पन्ना दे दो और एक पेंसिल, और वह घंटों आकृतियां, स्केच, पैटर्न आदि बनाने में निकाल देतीं। जैसे जैसे वह बड़ी होने लगी, पढ़ने के लिए पापा की डांट बढ़ती गई, लेकिन तलत का निश्चय दृढ़ था और हौसले बुलंद। उसने हिम्मत जुटा कर घर में कहा कि वह विज्ञान और गणित नहीं पढ़ना चाहती और आगे जाकर फैशन डिज़ाइनिंग पढ़ना चाहती हैं। मां ने पापा को मनाने में मदद की और सपनों को पर मिले। इस तरह उसका दाखिला पर्ल अकादमी में करा दिया गया। अब तो उसकी देखा-देखी उसके छोटे भाई ने भी पर्ल अकादमी में दाखिला ले लिया है। इस तरह एक बहन ने अपने भाई को अपना पुश्तानी काम छोड़कर कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया है।
तलत की खुशनसीबी से इस वर्ष पहली बार पर्ल अकादमी ने विश्व कौशल प्रतियोगिता में जाने के लिए अपने बच्चों को मैदान में उतारा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में तलत सबको पछाड़ते हुए पहले नम्बर पर काबिज़ हुईं। लेकिन असली इम्तिहान तो अब शुरू हुई है, वह भी विदेशी धरती पर। ड्राइंग तथा स्केचिंग में उसे खास महारत हासिल है। उसकी बनाई ड्राइंग को देखकर एकबारगी यह समझना मुश्किल हो रहता है कि यह कम्प्यूटर पर नहीं किया गया है, बल्कि उसके कुशल हाथों का कमाल है। तलत ही नहीं, उसकी प्रशिक्षक को भी उम्मीद है कि ड्राइंग एवं स्केचिंग में उसे अच्छे अंक मिलेंगे और इस तरह प्रतियोगिता की शुरुआत से ही वह सबों पर हावी हो जाएगी।
गाज़ियाबाद की रहने वाली 21 साल की तलत रज़िया के पैर ज़मीन पर नहीं पड़ते। देश की तरफ़ से किसी विश्व प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का एहसास है ही ऐसा। तलत आबू धाबी में होने वाली 44वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता में फैशन डिज़ाइनिंग में भाग ले रही है। डर भी लगता है, इतनी उम्मीदें जो हैं। लेकिन जिस तरह से प्रतियोगिता का हर चरण पार करते हुए तलत शीर्ष पर पहुंची हैं, उससे उनकी काबिलियत सिद्ध होती है। अपने आप को और मांजने के लिए तलत निरंतर अपनी गुरू के साथ अभ्यास में लगी रही। हर दो साल में होने वाले विश्व कौशल प्रतियोगिता में इस बार 28 भारतीय प्रतिभागी 26 कौशल क्षेत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और फैशन के क्षेत्र में दारोमदार तलत के कंधों पर है।
आईए हम तलत तथा आबू धाबी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे अन्य प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दें कि वे विश्व कौशल प्रतियोगिता में देश का झंडा ऊंचा कर के लौटें।
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