
कश्मीर की उड़ान से बदल रही है तस्वीर
Updated on : 11 Sept 2018
जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में स्किल इंडिया की पहल कश्मीरी युवाओं को आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की अवधारणा पर केंद्रित है। राज्य के 40 हजार युवाओं को स्किल इंडिया के बैनरतले एनएसडीसी कार्पोरेट जगत से जोड़ने पर काम कर रहा है। लक्ष्य है पांच साल में इन युवाओं को उनके मनचाहे करियर के लिए तैयार करना।
1-प्रारंभ से ही सरकार जम्मू और कश्मीर में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाए जाने पर जोर दे रही है और इसके लिए वातावरण बनाने की जिम्मेदारी सरकार ने अलग-अलग स्तरों पर विभाजित की है। एनएसडीसी की भूमिका योजना को सक्रिय बनाए रखने व विस्तारित करने की है।
2-राज्य में कौशल विकास को सामाजिक-आर्थिक विकास के ढांचे से जोड़ने में सफलता हासिल हुई है। साथ ही साथ ग्रेजुएशन कर चुके युवाओं का कार्पोरेट जगत की बारीकियों की ओर रूझान बढ़ा है। खास इस पहल में क्षेत्र या विषय का मापदंड नहीं है- जम्मू और कश्मीर के स्किल मिशन में ग्रेजुएट के साथ ही साथ पोस्ट ग्रेजुएट और तीन साल का डिप्लोमा करनेवाले इंजीनियर्स के लिए अभूतपूर्व अवसर हैं।
3- कश्मीर के युवाओं को स्थानीय तौर पर ही कार्पोरेट का माहौल प्रदान करना, रोजगार पाने के लिए उनका हुनर निखारने की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना व समानांतर रूप से ही देश के कार्पोरेट जगत का आकर्षण कश्मीर की ओर खींचना इस चरणबद्ध कौशल विकास श्रृंखला की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
पहले कश्मीर के युवाओं को कार्पोरेट जगत में हो रहे बदलावों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती थी। जानकारी के अभाव में वे कार्पोरेट जगत के अवसरों को भुनाने से चूक जाते थे। अब तस्वीर बदली है। उड़ान योजना का असर मुख्य शहरों के अलावा दूर-दराज के इलाकों में भी दिखने लगा है। प्रतिभावान कश्मीरी युवा अपने देश के आर्थिक विकास को समझ रहे हैं। वे अब स्किल डवलपमेंट की जरूरत को जानते हैं। सरकार साझा मंच बनाकर देश की बड़ी कार्पोरेट कंपनियों को कश्मीर की कुशल युवा आबादी का परिचय दे रही है। एनएसडीसी कश्मीर के युवाओं और राष्ट्रीय अर्थजगत को जोड़ने के लिए पुल का काम कर रहा है।
राज्य में धीरे-धीरे कौशल विकास और उद्यमिता का माहौल स्थायी रूप से जड़ें कायम कर रहा है। उड़ान योजना के तहत उद्योग और कार्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों को जम्मू और कश्मीर की यात्रा कराई जा रही है। उन्हें कश्मीर के कौशल विकास का ब्यौरा सीधे प्रशिक्षित हुनरमंद स्थानीय युवाओं के माध्यम से ही दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप बहुत से युवाओं को अर्थ और व्यापार जगत से जुड़ने के अनेक अवसर मिले हैं। वे कार्पोरेट जगत की यात्राओं, नए प्रशिक्षणों और आर्थिक विकास के अनुभवों से गुजर रहे हैं। एनएसडीसी की मंशा जम्मू और कश्मीर को भारत के कौशल विकास की एक धुरी के रूप में विकसित करना है जिसमें सफलता प्राप्त होती दिखाई दे रही है।
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